देवताओं की मनपसंद और बघेलखंड की शान इंदहर (इंद्रहर) की authentic रेसिपी जाने ,जो कि मैंने अपनी मां से पूंछ कर लिखी है।
बिना किसी अतिशयोक्ति के जानते हैं शुद्ध रेसिपी

सबसे पहिले
इंदहर (इंद्रहर) बनाने के लिए सबसे पहले उड़द, मसूर और चने की दाल को रात भर भिगो ले।
फिर अगली सुबह इसको धोकर पीस लें,हालांकि इंदहर का असली बघेल खंडी स्वाद तभी आएगा जब इसको पत्थर के सिलबट्टे पर पीसा जाए,लेकिन आप चाहें तो मजबूरी मे मिक्सर का इस्तेमाल भी कर सकतें हैं।
आई अब मसाले की बारी
दालों को पीसने के बाद इसमे शुद्ध देसी मसाले डालें जाएंगे
- पिसी धनिया
- पिसी लहसुन
- पिसी हरी मिर्च
- थोड़ी सी हींग
- डोंड़ा पत्ता ( बड़ी इलायची कूट कर और तेज पत्ता )
- स्वादानुसार नमक
अब इन सब मसालों को पिसी हुई दाल मे अच्छे से फेंट (मिला) लें।
अब ये हमारा दालों और देसी मसालों से बना पेस्ट तैयार हो गया है , इसी से आपको बघेलखंड की सौंधी सी खुशबू आनी शुरू हो जाएगी ।
अब इसको प्यार से पकाने की बारी
अब एक थाली में पतले से तेल की परत चढ़ाएं और उसमे दालों के पेस्ट को फैला दें।

अब अगर आपको बघेलखंडी स्टाइल मे बनाना है तो एक लोहे की कढ़ाई चूल्हे पर रखें, उसमे 3 उंगली बराबर पानी डालें , उसमे थोड़े से खपड़ेल ( जो पुराने घरों की छप्पर बनाने मे काम आता है , मिट्टी का बना हुआ खपरेल ) डालें , और उसके ऊपर पेस्ट भारी थाली को रख कर दालों को पका लें । basicaly इसे आपको भाप या स्टीम मे पकाना है।


अब इसे आप ऐसे ही खा सकतें हैं या

इसको तेल मे फ्राइ करके खाने मे और मजा आता है।

इससे कई तरीके के अन्य पकवान भी बनाए जातें हैं, जैसे रिकमझ ( बघेलखंडी डिश ) भी बना सकतें हैं।
