
मध्य प्रदेश के इंदौर से सरकारी व्यवस्थाओं की पोल खोलने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, वीडियो में कुछ महिलाएं एक मरीज को स्ट्रेचर पर लेकर अस्पताल के बाहर भटकती नजर आ रही हैं. आरोप है कि अस्पताल का गेट बंद होने के कारण उन्हें अंदर प्रवेश नहीं मिल सका और मजबूरन सड़क पर ही स्ट्रेचर धकेलना पड़ा।
घटना शहर के सरकारी एम वाय अस्पताल (MY Hospital) की बताई जा रही है, वीडियो में देखा जा सकता है कि परिजन मरीज को लेकर अस्पताल के गेट तक पहुंचते हैं, लेकिन गेट बंद होने की वजह से उन्हें दूसरी ओर जाने को कहा जाता है, इसी दौरान महिलाएं खुद स्ट्रेचर संभालती दिखती हैं। ये विजुअल सरकारी दावों और प्रशासन की लापरवाही को पोल खोलने वाला साबित होता है.
क्या है पूरा मामला?
परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी गेट बंद था और उन्हें तुरंत सहायता नहीं मिली. इस दौरान किसी ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठने लगे हैं, लोगों का कहना है कि अगर आपातकालीन स्थिति में भी गेट बंद रहे तो मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है,और फिर ऐसी व्यवस्था का क्या मतलब.
अस्पताल प्रबंधन का पक्ष
वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि गेट अस्थायी रूप से बंद था और मरीजों के प्रवेश के लिए वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद भी थी, अधिकारियों ने यह भी कहा है कि मामले की जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो आवश्यक कार्रवाई भी की जाएगी।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
यूं तो सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाओं को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती रही हैं, इस घटना ने एक बार फिर आपात सेवाओं की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि भविष्य में मरीजों को परेशानी न उठानी पड़े.
फिलहाल, प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं,अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच रिपोर्ट क्या कहती है और क्या वास्तव में लापरवाही हुई थी या नहीं.
