दिल्ली के द्वारका इलाके में 3 फरवरी को हुए दर्दनाक सड़क हादसे की जांच में एक अहम खुलासा हुआ है,शुरुआती FIR में आरोपी ड्राइवर की उम्र 19 वर्ष बताई गई थी, लेकिन बाद में पुलिस ने दस्तावेजों की जांच के बाद पाया कि वह वास्तव में नाबालिग (17 वर्ष का) है. यह खुलासा FIR और दस्तावेज की पड़ताल के दौरान सामने आया है.

क्या हुआ था हादसे के दिन?
3 फरवरी को सुबह करीब 11:57 बजे लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास एक तेज़ रफ्तार SUV कार, सामने से आ रही बाइक सवार 23 वर्षीय साहिल धनेशरा को टक्कर मारती है. हादसा इतना भीषण था कि साहिल की मौके पर ही मौत हो जाती है। इसके बाद वही SUV पास खड़ी टैक्सी से भी टकराई,पुलिस को मौके पर तीन वाहन दुर्घटनाग्रस्त मिले.
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FIR में उम्र का बड़ा खुलासा
शुरू में जब पुलिस ने FIR दर्ज की, तो आरोपी ड्राइवर की उम्र 19 साल दर्ज की गई थी, लेकिन बाद में पुलिस ने उसके स्कूल और अन्य दस्तावेजों की जांच की, जिसमें साफ मालूम चला कि उसकी एक्चुअल उम्र 19 नहीं बल्कि नाबालिग (17 वर्ष) है. इसी वजह से पुलिस ने उसे पकड़कर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया.
पिता पर भी नोटिस
पुलिस ने आरोपी के पिता को नोटिस भेजा और करीब 24 घंटे तक हिरासत में भी रखा, हालांकि पिता को गिरफ्तार तो नहीं किया गया, लेकिन उसके खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 199A के तहत कार्रवाई की तैयारी जारी है, क्योंकि नाबालिग ने पिता या अभिभावक की कार चलाकर हादसा किया
नाबालिग ड्राइविंग और जमानत
जांच में यह भी बताया गया कि नाबालिग के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था, और वह बिना लाइसेंस होकर गाड़ी चला रहा था. पुलिस की प्रक्रिया के अनुसार नाबालिग आरोपी को बाल न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे कुछ शर्तों पर जमानत भी मिल गई, ताकि वह अपनी 10वीं की परीक्षा दे सके.
परिवार की मांग
हादसे में अपनी इकलौते बेटे को खोने के बाद साहिल की मां इन्ना माकन ने न्याय की मांग की है और बताया है कि उनका बेटा एक टैलेंटेड लड़का था। उन्होंने सरकार और प्रशासन से पुलिस जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है
