गलगोटिया यूनिवर्सिटी इस समय इन्टरनेट पर ट्रेंडिंग पर है , इस बार कई रीले और वीडियोज भी शेयर की जा रहीं हैं.

Galgotias University controversy

नई दिल्ली/ग्रेटर नोएडा, भारत एआई इम्पैक्ट समिट में एक बार फिर गलगोटिया यूनिवर्सिटी सुर्खियों में है। रोबोटिक डॉग के बाद अब जिन वीडियो क्लिप्स सामने आये हैं, उनमें एक ड्रोन को भी विश्वविद्यालय की “अपनी खोज” बताया जा रहा है, जिससे सोशल मीडिया पर नया विवाद खड़ा हो गया है.

हालांकि यूनिवर्सिटी ने विवाद के बाद सफाई जारी की कि प्रतिनिधियों ने उत्साह में गलत जानकारी दी थी और इसका उद्देश्य किसी भी तरह से गलत प्रस्तुति देना नहीं था, विश्वविद्यालय ने अपने स्टॉल को खाली करने की भी पुष्टि की है.

गलगोटिया यूनिवर्सिटी कब और कैसे शुरू हुई?

Galgotias University controversy : गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित एक निजी शैक्षणिक संस्थान है, जिसे 2011 में स्थापित किया गया था।

यह विश्वविद्यालय श्रीमती शकुंतला एजुकेशनल एंड वेलफ़ेयर सोसायटी द्वारा प्रायोजित है और इसका संचालन सुनील गलगोटिया के नेतृत्व में होता है।

सुनील गलगोटिया ने 2000 में Galgotias Institute of Management & Technology की स्थापना की थी और धीरे-धीरे शिक्षा के क्षेत्र में उनके विचार को आकार मिला। इसी दृष्टिकोण के साथ उन्होंने 2011 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी की नींव रखी, जिसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, कौशल विकास और शोध को बढ़ावा देना था।

विश्वविद्यालय की पहली शैक्षणिक सत्र 2011–2012 में शुरू हुई और जुलाई 2011 में पहली बैच की पढ़ाई शुरू हुई थी।

आज यह विश्वविद्यालय 50 से अधिक एकड़ में फैले आधुनिक कैंपस, 20 से अधिक स्कूल और UG-PG से लेकर PhD तक के 200+ कोर्सेज़ प्रदान करता है।

हालांकि ये जानकारी इन्टरनेट से ली गई है

अब विवाद क्या है?

भारत एआई इम्पैक्ट समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर एक चीनी निर्मित रोबोटिक डॉग को अपनी ‘ओरिजनल इनोवेशन’ बताया गया और इसे यूनिवर्सिटी के Centre of Excellence से जोड़कर पेश किया गया, जिसकी सोशल मीडिया पर जमकर निंदा की जा रही है.

इसी तरह सामने आया है कि कुछ प्रतिनिधि ने एक ड्रोन को भी गलगोटिया की खोज बताया, जबकि वह वास्तव में चीन का Striker V3 ARF नामक ड्रोन था।

यूनिवर्सिटी ने बाद में स्पष्ट किया कि प्रतिनिधियों ने ‘गलत जानकारी’ दे दी थी और उन्हें यह जानकारी सही तरीके से नहीं मिली थी।

क्या कहा यूनिवर्सिटी ने?

गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने अपने बयान में कहा कि उनका उद्देश्य किसी भी इनोवेशन को गलत तरीके से पेश करना नहीं था। मीडिया से बात करने की अनुमति उसके प्रतिनिधियों को नहीं थी और अब विश्वविद्यालय ने आयोजकों की भावना का सम्मान करते हुए कार्यक्रम स्थल खाली कर दिया है।

अब देखना ये होगा कि सरकार की तरफ से कोई बयान सामने आता है या कोई करवाई होती है , इस घटना ने देश की अंततराष्ट्रीय लेवल पर बेइज्जती करवाई है.

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