Indian Ocean warship attack :हिंद महासागर में डूबा ईरानी युद्धपोत IRIS Dena, US ने टॉरपीडो हमले का किया दावा

1

मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव का एक बहुत बड़ा दावा सामने आया है. अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिकी नौसेना की एक पनडुब्बी ने हिंद महासागर में ईरान के युद्धपोत IRIS Dena को टॉरपीडो से निशाना बनाकर डुबो दिया.

हेगसेथ के अनुसार, दूसरे विश्व युद्ध के बाद पहली बार किसी दुश्मन युद्धपोत को टॉरपीडो से डुबोया गया है. इस घटना ने वैश्विक स्तर पर सुरक्षा और सैन्य रणनीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

हिंद महासागर में डूबा ईरानी युद्धपोत IRIS Dena

हिंद महासागर में हुआ हमला

अमेरिकी रक्षा मंत्री का कहना है कि यह हमला हिंद महासागर में उस समय हुआ जब ईरानी युद्धपोत अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद था. अमेरिकी नौसेना की एक अटैक सबमरीन ने उसे Mark-48 टॉरपीडो से निशाना बनाया.

हेगसेथ ने कहा कि जहाज को लगा था कि वह सुरक्षित क्षेत्र में है, लेकिन अमेरिकी पनडुब्बी ने उसे सटीक तरीके से निशाना बनाया. उनके मुताबिक यह हमला बेहद तेज और प्रभावी था, जिससे युद्धपोत तुरंत डूब गया.

अमेरिकी सेना ने इसे बताया ‘वैश्विक क्षमता का प्रदर्शन’

अमेरिकी ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के जनरल डैन केन ने इस ऑपरेशन को अमेरिकी सैन्य ताकत का बड़ा उदाहरण बताया. उन्होंने कहा कि 1945 के बाद पहली बार अमेरिकी नौसेना ने किसी दुश्मन जहाज को एक ही टॉरपीडो से डुबोया है.

जनरल केन ने कहा कि यह अमेरिका की उस क्षमता को दिखाता है जिसके जरिए वह दुनिया के किसी भी हिस्से में जाकर लक्ष्य को ढूंढ सकता है और उसे नष्ट कर सकता है.

श्रीलंका के पास हुआ हादसा, बचाए गए कई लोग

श्रीलंका के मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना श्रीलंका के गॉल तट से करीब 40 किलोमीटर दूर हुई. उस समय जहाज में लगभग 180 लोग सवार थे.

श्रीलंका की नौसेना ने राहत अभियान चलाकर लगभग 30 लोगों को बचाया, जिन्हें इलाज के लिए करापिटिया अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहीं बाकी लोगों की तलाश के लिए बचाव अभियान जारी बताया गया.

Read more : Israel-US Iran War: मिडिल ईस्ट में बढ़ा युद्ध का खतरा, ईरान के मिसाइल-ड्रोन हमलों से खाड़ी देशों में दहशत

ऑपरेशन ‘Epic Fury’ जारी

अमेरिकी रक्षा मंत्री ने बताया कि क्षेत्र में चल रहे सैन्य अभियान “Operation Epic Fury” के तहत अमेरिका ने और बमवर्षक तथा लड़ाकू विमान तैनात किए हैं.

विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से पहले से चल रहे ईरान-अमेरिका तनाव और अधिक बढ़ सकते हैं, जिससे पश्चिम एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और जटिल हो सकती है

Read more : Israel-US-Iran War: मिसाइल, ड्रोन और धमाकों से दहला मध्य पूर्व, खाड़ी देशों तक बढ़ा तनाव

वैश्विक राजनीति पर असर संभव

विश्लेषकों का कहना है कि यदि यह दावा पूरी तरह सही साबित होता है, तो यह घटना समुद्री युद्ध रणनीति के लिहाज से ऐतिहासिक मानी जाएगी. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार टॉरपीडो से युद्धपोत डुबाने की बात वैश्विक सैन्य इतिहास में एक बड़ी घटना मानी जा रही है.

आने वाले दिनों में इस घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और कूटनीतिक हलचल तेज होने की संभावना है.

भारत की प्रतिक्रिया

फ़िलहाल इस घटना को लेकर भारत का कोई अधिकारिक बयान सामने नहीं आया है , सही भारतीयों की निगाहें इसी पर टिकी हुई हैं .

1 thought on “Indian Ocean warship attack :हिंद महासागर में डूबा ईरानी युद्धपोत IRIS Dena, US ने टॉरपीडो हमले का किया दावा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *