ढाका। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की प्रमुख Khaleda zia के निधन के साथ ही देश की राजनीति का एक ऐतिहासिक अध्याय समाप्त हो गया है। उनके निधन पर उनकी कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने शोक व्यक्त किया है। इसके साथ ही बांग्लादेश की राजनीति में दशकों से चली आ रही प्रसिद्ध प्रतिद्वंद्विता ‘बैटल ऑफ द बेगम्स’ के खत्म होने की चर्चा शुरू हो गई है।
शेख हसीना ने जताया दुख
शेख हसीना ने खालिदा जिया के निधन पर दुख जताते हुए उन्हें बांग्लादेश की राजनीति की एक अहम शख्सियत बताया। उन्होंने कहा कि खालिदा जिया का जाना देश के राजनीतिक इतिहास के लिए एक बड़ी क्षति है। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब दोनों नेताओं के बीच लंबे समय तक तीखा राजनीतिक संघर्ष देखने को मिला।

तीन बार प्रधानमंत्री रहीं खालिदा जिया
खालिदा जिया बांग्लादेश की राजनीति की सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक थीं। वह तीन बार प्रधानमंत्री रहीं और लंबे समय तक बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी का नेतृत्व किया। उनके पति जियाउर रहमान, जो बांग्लादेश के पूर्व राष्ट्रपति थे, की हत्या के बाद खालिदा जिया ने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।

क्या थी ‘बैटल ऑफ द बेगम्स’
खालिदा जिया और शेख हसीना के बीच राजनीतिक टकराव को बांग्लादेश में ‘बैटल ऑफ द बेगम्स’ के नाम से जाना जाता है। यह प्रतिद्वंद्विता कई दशकों तक चली और देश की राजनीति, चुनावों और सत्ता संघर्ष पर इसका गहरा असर रहा। दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच यह संघर्ष अक्सर सड़कों तक दिखाई देता था।

एक राजनीतिक युग का अंत
खालिदा जिया के निधन के बाद राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांग्लादेश की राजनीति में एक युग का अंत हो गया है। दो मजबूत महिला नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती राजनीति अब नए दौर की ओर बढ़ सकती है।
