
रोहतास (बिहार):Rohtas Ropeway Collapse
बिहार के रोहतास जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा Chief Minister Nitish Kumar का ड्रीम प्रोजेक्ट रोपवे ट्रायल रन के दौरान ढह गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त केबिन में कोई भी यात्री मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन जिम्मेदारों पर सवाल बरकरार है।
जानकारी के अनुसार, रोहतासगढ़ क्षेत्र में बन रहे इस रोपवे प्रोजेक्ट का ट्रायल चल रहा था, तभी अचानक एक सपोर्ट पिलर और उससे जुड़ा सिस्टम फेल हो गया। इसके बाद पूरा ढांचा असंतुलित होकर नीचे गिर गया। इस परियोजना पर करीब ₹13 करोड़ की लागत आई है और यह लंबे समय से निर्माणाधीन थी। जल्द ही इसका उद्घाटन प्रस्तावित था,सोचिये सोचिये अगर ये घटना उद्घाटन के बाद होती तो क्या होता।

Rohtas Ropeway Collapseनिर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल
हादसे के बाद निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। MLA Murari Prasad Gautam ने विभाग और इंजीनियरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि खराब गुणवत्ता के कारण यह हादसा हुआ। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
यह रोपवे परियोजना इलाके में पर्यटन विकास के लिए बेहद अहम मानी जा रही थी, क्योंकि इससे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र तक आसान पहुंच मिलनी थी। लेकिन इस घटना ने न केवल परियोजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि सरकारी निगरानी प्रणाली को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है।
फिलहाल प्रशासन ने परियोजना पर काम रोक दिया है और तकनीकी जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि हादसा तकनीकी खामी के कारण हुआ या फिर निर्माण में लापरवाही बरती गई।
लेकिन सवाल अब भी कायम है , कि अगर कोई जनहानि हो जाती तो उसका जिम्मेदार कौन होता।
