दक्षिण अमेरिका से एक बड़ी और गंभीर खबर सामने आई है। 3 जनवरी 2026 की रात वेनेज़ुएला की राजधानी काराकास समेत कई इलाकों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके बाद यह साफ हुआ कि अमेरिका ने वेनेज़ुएला पर सैन्य कार्रवाई की है। इस हमले में अमेरिका की ओर से हाई-टेक फाइटर जेट और अटैक हेलिकॉप्टर इस्तेमाल किए गए हैं।
वेनेज़ुएला सरकार ने इसे सीधे तौर पर अमेरिकी सैन्य आक्रमण बताया है और देश में आपातकाल जैसे हालात की बात कही है।

क्या हुआ है अब तक?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने वेनेज़ुएला के कुछ सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। स्थानीय लोगों ने रात में आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाजें सुनीं और कई जगहों पर विस्फोट दर्ज किए गए।
वहीं दूसरी ओर, अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर यह स्वीकार किया है कि उसने सीमित लेकिन सटीक सैन्य कार्रवाई की है। हालांकि हमले की पूरी डिटेल अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
कौन-से हथियार और जेट इस्तेमाल हुए?
मीडिया रिपोर्ट्स और सैन्य विश्लेषण के अनुसार, इस ऑपरेशन में अमेरिका ने अपनी अत्याधुनिक ताकत झोंकी है
F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट
- यह अमेरिका का पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है
- रडार से बचकर हमला करने की क्षमता
- बेहद सटीक बम और मिसाइल गिराने में सक्षम
AH-64 अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर
- जमीन के बेहद करीब जाकर टारगेट पर हमला
- टैंक, बंकर और सैन्य ठिकानों को तबाह करने में माहिर
गाइडेड बम और हेलफायर मिसाइल
- GPS और लेजर गाइडेंस से निशाना
- कम नुकसान, ज्यादा सटीकता के लिए इस्तेमाल
अमेरिका ने हमला क्यों किया?
अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को ध्यान में रखकर की गई,वहीं वेनेज़ुएला सरकार का कहना है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है।
हालांकि दोनों देशों के बीच तनाव कोई नया नहीं है.
वेनेज़ुएला की प्रतिक्रिया
वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार ने-
- हमले की कड़ी निंदा की
- सेना को अलर्ट पर रखा
- अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन की अपील की
सरकार ने कहा है कि देश की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
