Tarun Murder Case: होली के विवाद में युवक की मौत, अब तक 14 गिरफ्तार, न्याय की मांग लेकर सचिवालय पहुंचा परिवार
दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुए विवाद में 26 वर्षीय युवक तरुण की मौत के मामले में पुलिस की जांच जारी है. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं. ताजा कार्रवाई में पुलिस ने सायरा, शरीफ और सलमा को गिरफ्तार किया है.
वहीं पीड़ित परिवार अब न्याय की मांग को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मिलने के लिए दिल्ली सचिवालय पहुंच गया है.

क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, होली के दिन उत्तम नगर इलाके में दो परिवारों के बीच विवाद हो गया था. बताया जा रहा है कि मृतक तरुण के परिवार की 9 साल की बच्ची ने गलती से छत से पानी से भरा गुब्बारा फेंक दिया, जो पास में रहने वाली एक महिला को लग गया.
गुब्बारा लगने के बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और मामला धीरे-धीरे मारपीट तक पहुंच गया.
माफी के बाद भी बढ़ा विवाद
मृतक तरुण के पिता मेमराज के अनुसार, बच्ची की गलती के लिए परिवार ने तुरंत माफी भी मांग ली थी. इसके बावजूद मामला शांत नहीं हुआ. उन्होंने आरोप लगाया कि महिला ने अपने परिवार और आसपास के लोगों को बुला लिया.
कुछ ही देर में करीब 15 से 20 लोग लाठी-डंडे लेकर उनके घर पहुंच गए और हमला कर दिया. आरोप है कि परिवार के लोग जान बचाने के लिए घर के अंदर चले गए, लेकिन हमलावरों ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया. इस दौरान परिवार के कई सदस्य घायल हो गए.
घर लौटते समय तरुण पर हमला
बताया जा रहा है कि उस समय तरुण घर पर नहीं था और वह होली खेलकर वापस लौट रहा था. जैसे ही वह घर के पास पहुंचा, कुछ लोगों ने लोहे की रॉड और डंडों से उस पर हमला कर दिया.
सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया.
इलाके में तनाव, पुलिस की तैनाती
घटना के बाद कुछ हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान आरोपियों के घरों में तोड़फोड़ और कथित आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं. हालांकि पुलिस ने भारी बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रण में बताया और फिलहाल इलाके में माहौल सामान्य बताया जा रहा है.
मामले पर राजनीतिक बयान
इस घटना को लेकर AIMIM के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में एकतरफा कार्रवाई हो रही है.
जमाई ने आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिना अदालत के आदेश के किसी का घर गिराना सही नहीं है. उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और मामले को सांप्रदायिक रंग न देने की अपील की.
