ईरान युद्ध का असर भारत पर. गैस सिलेंडर की किल्लत, तेल महंगा होने की आशंका

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LPG Crisis India

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े युद्ध जैसे हालात का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है. कई राज्यों से घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं. लोगों को गैस बुकिंग के बाद भी सिलेंडर मिलने में परेशानी हो रही है और कई जगहों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं.

गैस सिलेंडर के लिए मारामारी, कालाबाजारी शुरू

देश के कई शहरों में एलपीजी सप्लाई को लेकर संकट की स्थिति बनती दिख रही है. लोगों का कहना है कि सिलेंडर पाने के लिए उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है. कुछ जगहों पर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी शुरू हो गई है.

कई उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्हें सिलेंडर खरीदने के लिए सामान्य कीमत से तीन से चार गुना तक ज्यादा पैसे देने पड़े. गैस की कमी का असर छोटे होटल, रेस्टोरेंट और फूड स्टॉल पर भी पड़ा है. कई जगहों पर कारोबार अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है.

सरकार ने कहा – सप्लाई सामान्य

इस बीच सरकार ने कहा है कि देश में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई सामान्य है. केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों के साथ बैठक की है.

बैठक में राज्यों को निर्देश दिया गया है कि गैस सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की जाए. सरकार ने साफ किया है कि किसी भी स्थिति में आम लोगों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी.

तमिलनाडु में गैस सिलेंडर जमाखोरी का मामला

तमिलनाडु में पुलिस ने रसोई गैस सिलेंडर जमा करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस का कहना है कि ये लोग बड़ी संख्या में सिलेंडर जमा कर उन्हें ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी में थे.

चीन के फैसले से बढ़ी चिंता

दूसरी ओर चीन ने पेट्रोल, डीजल और जेट फ्यूल जैसे रिफाइंड पेट्रोलियम प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण चीनी रिफाइनरियों ने पहले से तय कई फ्यूल एक्सपोर्ट शिपमेंट को रद्द करना शुरू कर दिया है.

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन के इस कदम से वैश्विक स्तर पर रिफाइंड फ्यूल की कमी हो सकती है.

पेट्रोल-डीजल और हवाई किराया महंगा होने का खतरा

अगर वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड फ्यूल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो इसका असर भारत में भी दिखाई दे सकता है. आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है.

कच्चे तेल की कमी का असर एयरलाइन सेक्टर पर भी पड़ रहा है. कई एयरलाइंस ने पहले ही हवाई किराया बढ़ाना शुरू कर दिया है, जिससे यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है.

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