अमिलिया में अंबेडकर जयंती रैली के दौरान हिंसा, घर और थाने पर हमला

सीधी, मध्य प्रदेश. अंबेडकर जयंती के मौके पर निकली रैली उस वक्त हिंसक बवाल में बदल गई, जब अमिलिया क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। नकाबपोश हमलावरों ने एक घर में घुसकर मारपीट की और बाद में थाने पर भी हमला कर दिया। इस घटना में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए हैं।
कैसे शुरू हुआ विवाद

अमिलिया में अंबेडकर जयंती पर बवाल : जानकारी के मुताबिक, रैली के दौरान रास्ते में खड़ी एक बोलेरो गाड़ी को लेकर कहासुनी हुई। इसी बात पर विवाद बढ़ा और गाड़ी में तोड़फोड़ शुरू हो गई। विरोध करने पर मामला और बिगड़ गया और देखते ही देखते हिंसा भड़क उठी।
घर में घुसकर हमला
बताया जा रहा है कि करीब 50 नकाबपोश हमलावर 22 वर्षीय मनी शुक्ला के घर में घुस गए। यहां पथराव और मारपीट की गई, जिसमें मनी शुक्ला गंभीर रूप से घायल हो गए।
परिवार के अन्य सदस्य—80 वर्षीय रमाकांत शुक्ला, अर्चना शुक्ला और दिव्यांश शुक्ला—भी इस हमले में घायल हुए। एक महिला और एक युवक को सिर में पत्थर लगने से गंभीर चोटें आईं।
थाने पर भीड़ का धावा

घटना के बाद हालात और बिगड़ गए। करीब 200 लोगों की भीड़ अमिलिया थाने पहुंची और वहां जमकर हंगामा किया।
भीड़ ने थाना परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की, गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया और पुलिसकर्मियों से हाथापाई की। इस दौरान थाना प्रभारी और स्टाफ के साथ मारपीट हुई, जिसमें दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है .
प्रशासन हरकत में
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर विकास मिश्रा और पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी मौके पर पहुंचे। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। अमिलिया बाजार बंद कर दिया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

कुल 14 लोग घायल!
इस पूरे घटनाक्रम में दोनों पक्षों के कुल 14 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 8 को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि 6 का इलाज जारी है।बताया जा रहा है कि कुछ लोगों का इलाज सिहावल अस्पताल में जारी है .
हालात काबू में, FIR दर्ज
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस ने मारपीट, बलवा और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज कर लिया है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
