बिहार में 21 हजार आशा कार्यकर्ताओं की होगी भर्ती, 10वीं पास कर सकेंगे आवेदन; जिलों को 2 महीने का समय

बिहार में स्वास्थ्य विभाग जल्द ही बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। राज्य में करीब 21 हजार आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की जाएगी। इनमें ग्रामीण इलाकों के लिए 14,409 और शहरी क्षेत्रों के लिए 7,289 पद शामिल हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों को आशा कार्यकर्ताओं के खाली पदों की जानकारी भेजते हुए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। विभाग की समीक्षा में सामने आया कि कई जिलों में आशा कार्यकर्ताओं की नियुक्ति की प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है।
अब विभाग ने सभी जिलों को दो महीने के भीतर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
10वीं पास उम्मीदवार कर सकेंगे आवेदन
आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती में आमतौर पर 10वीं पास शैक्षणिक योग्यता रखी जाती है। हालांकि, भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही उम्र सीमा, स्थानीय निवासी की शर्त, आवेदन प्रक्रिया और अन्य पात्रता की अंतिम जानकारी स्पष्ट होगी।
इसलिए उम्मीदवारों को स्वास्थ्य विभाग या संबंधित जिला स्तर से जारी होने वाली आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए।
बिहार में 98 हजार से ज्यादा आशा कार्यकर्ता पहले से कार्यरत
राज्य में पहले से ही बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हुई हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक बिहार में फिलहाल 98,598 आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं।
नई भर्ती का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मौजूद रिक्तियों को भरना और जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है।
मुजफ्फरपुर में 511 आशा कार्यकर्ताओं की भर्ती
मुजफ्फरपुर जिले में भी आशा कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में नियुक्ति की जाएगी। यहां 264 ग्रामीण और 247 शहरी आशा कार्यकर्ताओं की बहाली होनी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में 5,314 आशा कार्यकर्ताओं की जरूरत है। इनमें से 4,275 आशा कार्यकर्ता फिलहाल काम कर रही हैं। वहीं, 1,039 पदों के चयन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
शहरी क्षेत्र में 247 आशा कार्यकर्ताओं की बहाली होनी है। यहां फिलहाल 303 आशा कार्यकर्ता काम कर रही हैं और 56 पदों पर चयन हो चुका है।
बदले ग्रामीण इलाकों में अब शहरी आशा फैसिलिटेटर
स्वास्थ्य विभाग ने आशा फैसिलिटेटर यानी पर्यवेक्षकों को लेकर भी नई व्यवस्था के संबंध में निर्देश जारी किए हैं।
जो ग्रामीण इलाके अब नगर पंचायत, नगर परिषद या नगर निगम का हिस्सा बन चुके हैं, वहां पहले से काम कर रही आशा फैसिलिटेटर को अब शहरी आशा फैसिलिटेटर के तौर पर माना जाएगा।
इस बदलाव का उद्देश्य प्रशासनिक क्षेत्र के बदलने के बाद आशा कार्यकर्ताओं और उनके पर्यवेक्षण की व्यवस्था को उसी हिसाब से व्यवस्थित करना है।
1,104 आशा फैसिलिटेटर की भी होगी भर्ती
आशा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ राज्य में 1,104 आशा फैसिलिटेटर की भी नियुक्ति की जानी है।
आशा फैसिलिटेटर का काम आशा कार्यकर्ताओं के कामकाज की निगरानी करना, उनकी गतिविधियों की रिपोर्ट तैयार करना और स्वास्थ्य विभाग तक आवश्यक जानकारी पहुंचाना होता है।
कई जिलों में आशा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ फैसिलिटेटर के पद भी लंबे समय से खाली हैं। ऐसे में नई भर्ती से जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत करने की उम्मीद है।
कब शुरू होगा आवेदन?
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने जिलों को भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने और दो महीने के भीतर नियुक्तियां पूरी करने का निर्देश दिया है। आवेदन की तारीख, पदवार विवरण, आयु सीमा और आवेदन करने की प्रक्रिया की आधिकारिक जानकारी संबंधित विभाग या जिला प्रशासन की अधिसूचना के बाद सामने आएगी।
