अब पेट्रोल पंप पर भी मिलेगा राशन वाला केरोसीन
दुनियाभर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहे असर के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने Public Distribution System (PDS) के तहत Superior Kerosene Oil (SKO) का एड-हॉक आवंटन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) को करने का निर्णय लिया है.

यह फैसला खासतौर पर उन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जहां वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई में अस्थिरता देखी जा रही है.
21 PDS SKO Free राज्यों को भी मिलेगा केरोसिन
केरोसिन मिलेगा फिर से : सरकार के इस फैसले की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें उन 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी शामिल किया गया है, जो पहले PDS के तहत केरोसिन से मुक्त घोषित किए जा चुके थे.
अब इन राज्यों में भी जरूरतमंद परिवारों को अस्थायी रूप से केरोसिन तेल उपलब्ध कराया जाएगा. इससे ऊर्जा संकट के प्रभाव को कम करने में मदद मिलेगी.
किन उद्देश्यों के लिए मिलेगा केरोसिन
सरकार के अनुसार, PDS के तहत दिया जाने वाला केरोसिन तेल मुख्य रूप से घरेलू उपयोग के लिए होगा.
- खाना बनाने के लिए
- रोशनी के लिए
- ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की बुनियादी जरूरतों के लिए
यह कदम खासतौर पर उन परिवारों को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जिनके पास अभी भी LPG या अन्य आधुनिक ऊर्जा स्रोतों की पर्याप्त पहुंच नहीं है.
गरीब और ग्रामीण परिवारों को सीधा फायदा
इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ गरीब, ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को मिलेगा.
देश के कई हिस्सों में आज भी लोग केरोसिन पर निर्भर हैं, खासकर उन इलाकों में जहां बिजली या गैस की नियमित सप्लाई नहीं है. ऐसे में यह एड-हॉक आवंटन उनके लिए राहत का काम करेगा.
सरकार की Energy Security Strategy
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला सिर्फ राहत देने के लिए नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा (Energy Security) को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा भी है.
वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता को देखते हुए सरकार वैकल्पिक उपायों के जरिए आम जनता पर पड़ने वाले असर को कम करना चाहती है.
आगे क्या हो सकता है
सरकार आने वाले समय में ऊर्जा स्थिति की समीक्षा करती रहेगी. जरूरत पड़ने पर PDS के तहत केरोसिन या अन्य ईंधन का अतिरिक्त आवंटन भी किया जा सकता है.
