जमुई के बाद समस्तीपुर ने किया शर्मसार,लड़की से बदसलूकी:सरेआम घसीटा
समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले से नाबालिग लड़की के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामला कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव के पास बांध बाईपास रोड का बताया जा रहा है।
सड़क किनारे लड़की को घेरकर की गई कथित बदसलूकी
जानकारी के मुताबिक, एक नाबालिग लड़का और लड़की बाइक से बांध के पास पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय युवकों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि युवकों ने पहले लड़के के साथ मारपीट की, जिसके बाद वह वहां से चला गया।
इसके बाद आरोपियों ने लड़की को घेर लिया और उसके साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया। वायरल वीडियो में लड़की लगातार इसका विरोध करती नजर आ रही है। वीडियो में कुछ युवक उससे उसका पता पूछते और आपत्तिजनक टिप्पणियां करते दिखाई दे रहे हैं।
हालांकि, वायरल वीडियो की पूरी परिस्थितियों और उसमें दिखाई दे रहे सभी लोगों की भूमिका की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
वीडियो वायरल होते ही पुलिस ने शुरू की जांच
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद समस्तीपुर पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस की तकनीकी जांच में घटनास्थल की पहचान की गई और आरोपियों की तलाश शुरू की गई।
पुलिस के मुताबिक, मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राहुल कुमार, अवधेश पासवान, विकास कुमार और रामबाबू सहनी के रूप में हुई है। पुलिस उनसे पूछताछ कर मामले की आगे की जांच कर रही है।
समस्तीपुर पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह के अनुसार, मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
पॉक्सो और आईटी एक्ट की धाराओं में केस
पुलिस के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रही लड़की प्रथम दृष्टया नाबालिग प्रतीत होती है। इसी आधार पर कर्पूरीग्राम थाने में भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स से की अपील
समस्तीपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घटना से जुड़ा ऐसा कोई वीडियो, फोटो या पोस्ट शेयर न करें, जिससे पीड़िता की पहचान उजागर हो सकती है। नाबालिग पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन अपराध है।
पुलिस ने सोशल मीडिया यूजर्स से अपील की है कि संवेदनशील मामले में जिम्मेदारी से व्यवहार करें और पीड़िता की निजता एवं गरिमा का सम्मान करें।
