इंदौर में सरेराह फायरिंग के बाद 72 घंटे में गिरफ्तारी, तीन आरोपी पकड़े गए

इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र की ग्रीन पार्क कॉलोनी में 1 अक्टूबर की शाम सरेराह फायरिंग की घटना सामने आई। पुराने विवाद को लेकर आरोपियों ने एक युवक का पीछा किया, रास्ता रोका और कथित तौर पर जान से मारने की नीयत से गोली चला दी। फायरिंग के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
घटना के करीब 72 घंटे बाद चंदन नगर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से एक अवैध देशी पिस्टल, जिंदा कारतूस, थार गाड़ी, एक्टिवा और फायरिंग में इस्तेमाल हुआ खाली खोखा बरामद किया गया है।
पुरानी रंजिश को लेकर किया पीछा
पुलिस के अनुसार, फरियादी मोहम्मद समीर खान अपने साथी के साथ एक्टिवा से जा रहा था। इसी दौरान पुराने विवाद और समझौते को लेकर आरोपियों ने ब्लैक थार और एक्टिवा से उसका पीछा किया।
आरोप है कि आरोपियों ने रास्ता रोककर उसे जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान मोनू उर्फ मुसेफ ने कथित तौर पर पिस्टल से फायरिंग कर दी। गोली चलने के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
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आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं मामले
गिरफ्तार आरोपियों में मोनू उर्फ मुसेफ, दानिश उर्फ फाइव स्टार और अल्फाइज शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, तीनों के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- मोनू उर्फ मुसेफ (20) — 6 आपराधिक मामले
- दानिश उर्फ फाइव स्टार (18) — 4 मामले
- अल्फाइज (18) — 1 मामला
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ पहले भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और बाउंड ओवर की कार्रवाई की जा चुकी थी। मामले में एक नाबालिग के शामिल होने की भी बात सामने आई है।
72 घंटे बाद गिरफ्तारी पर उठे सवाल
घटना के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी में करीब तीन दिन का समय लगा। इसी अवधि को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर सवाल भी उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल चर्चा में है कि फायरिंग जैसी घटना के बाद आरोपियों को पकड़ने में इतना समय क्यों लगा और इस दौरान उनकी गतिविधियों पर नजर क्यों नहीं रखी जा सकी।
वहीं, पुलिस ने गिरफ्तारी को कार्रवाई की सफलता के तौर पर पेश किया है। अब जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों के पास अवैध पिस्टल कहां से आई और हथियार की सप्लाई से जुड़े लोग कौन हैं।
अब हथियार के नेटवर्क की जांच
पुलिस ने आरोपियों से बरामद हथियार और वाहन जब्त कर लिए हैं। अब जांच का फोकस अवैध हथियार की खरीद-फरोख्त और आरोपियों के संपर्कों पर है।
फायरिंग की इस घटना ने एक बार फिर शहर में आपराधिक गतिविधियों और अवैध हथियारों की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
