मणिपुर विरोध :मणिपुर में महिलाओं का उबाल, सड़कों पर उतरीं सैकड़ों आवाजें
इंफाल में बड़ा विरोध मार्च

मणिपुर में जारी तनाव के बीच अब महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया है. इंफाल पूर्वी जिले के कोइरेंगई इलाके में सैकड़ों महिलाएं सड़कों पर उतरीं और विरोध मार्च निकाला. इस प्रदर्शन का नेतृत्व स्थानीय महिला संगठन ‘कोइरेंगई आवांग अपुंबा मीरा पैबी’ ने किया. बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने साफ कर दिया कि यह सिर्फ एक विरोध नहीं, बल्कि बढ़ते असंतोष की झलक है.
क्या हैं प्रदर्शनकारियों की मांगें?
मणिपुर विरोध : प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने अपनी कई मांगें सरकार के सामने रखीं. इनमें आगामी जनगणना से पहले NRC लागू करना, राष्ट्रीय राजमार्गों पर मुक्त और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना, कथित नार्को-आतंकी गतिविधियों पर सख्त सैन्य कार्रवाई करना और आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के पुनर्वास को तुरंत रोकना शामिल है.
राष्ट्रीय राजमार्गों की सुरक्षा पर सवाल
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि ड्रग्स और आतंक से जुड़े समूह राष्ट्रीय राजमार्गों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है. महिलाओं ने इसे ‘प्रॉक्सी वॉर’ बताया और कहा कि अगर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो हालात और बिगड़ सकते हैं.
आंदोलन का दायरा बढ़ता हुआ
मणिपुर अखंडता समन्वय समिति (COCOMI) के प्रवक्ता नहाकपम शांता के अनुसार यह विरोध प्रदर्शन सेक्माई के अलग-अलग इलाकों से शुरू हुआ था. केइकोल से बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए और अब यह कोइरेंगई तक फैल चुका है. यह आंदोलन विभिन्न संगठनों द्वारा पहले से घोषित कार्यक्रमों का हिस्सा है.
बढ़ता गुस्सा और भरोसे का संकट
लगातार बिगड़ते हालात के बीच महिलाओं का इस तरह सड़कों पर उतरना यह दिखाता है कि अब लोगों का धैर्य टूट रहा है. यह सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं रह गया है, बल्कि भरोसे और सुरक्षा का बड़ा सवाल बन चुका है.
