MP कर्मचारियों को होली गिफ्ट: डॉ. मोहन यादव ने 3% बढ़ाया महंगाई भत्ता, अब मिलेगा 58% DA
भोपाल। होली के मौके पर मध्य प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में 3 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा करते हुए इसे बढ़ाकर 58% कर दिया है। यह बढ़ा हुआ डीए अप्रैल 2026 (मई 2026 में देय वेतन) से लागू होगा।
सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और कर्मचारियों के हित सर्वोपरि हैं।

अप्रैल से मिलेगा 58% महंगाई भत्ता
घोषणा के अनुसार, सभी शासकीय कर्मचारियों को अप्रैल 2026 के वेतन (जो मई में मिलेगा) से 58% की दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा।
साथ ही जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक की एरियर राशि का भुगतान मई 2026 से शुरू होकर 6 समान किस्तों में किया जाएगा।
पेंशनर्स को भी राहत
सरकार ने पेंशनर्स को भी बड़ी राहत दी है। उन्हें जनवरी और फरवरी 2026 की पेंशन में 58% महंगाई भत्ता दिया जाएगा। हालांकि कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी जुलाई 2025 से महंगाई राहत दी जाए।
कितने कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
महंगाई भत्ते में 3% वृद्धि से प्रदेश के करीब 7.50 लाख कर्मचारियों और अधिकारियों को लाभ होगा। अनुमान के मुताबिक वेतन में निम्नलिखित बढ़ोतरी देखने को मिलेगी
- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी: ₹465 से ₹556 तक बढ़ोतरी
- तृतीय श्रेणी कर्मचारी: ₹585 से ₹1473 तक बढ़ोतरी
- द्वितीय श्रेणी अधिकारी: ₹1683 से ₹2019 तक बढ़ोतरी
- प्रथम श्रेणी अधिकारी: ₹2397 से ₹4230 तक बढ़ोतरी
कर्मचारी संगठनों की प्रतिक्रिया
तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी लगभग आठ महीनों की लगातार मांग के बाद हुई है।
उनका कहना है कि जुलाई 2025 से फरवरी 2026 तक कर्मचारियों की मांग पर ध्यान नहीं दिया गया था, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा था। अब मुख्यमंत्री की घोषणा से कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
सरकार का संदेश
मुख्यमंत्री ने बड़वानी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कहा कि राज्य सरकार किसान वर्ष के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है और कर्मचारियों-पेंशनर्स के हित में भी लगातार फैसले किए जा रहे हैं।
होली के अवसर पर की गई इस घोषणा को सरकार ने कर्मचारियों के लिए “होली गिफ्ट” बताया है।
