MP में टीबी का बढ़ता खतरा: हर दिन 13 मौतें, भोपाल समेत बड़े शहर हॉटस्पॉट, सरकार का 100 दिन का अभियान शुरू
मध्यप्रदेश में टीबी (क्षय रोग) अब गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है. औसतन हर दिन 13 लोगों की मौत इस बीमारी से हो रही है, जिससे हालात चिंताजनक हो गए हैं. वर्ल्ड टीबी डे के मौके पर सामने आए आंकड़े राज्य के लिए अलार्मिंग संकेत दे रहे हैं.

हर साल हजारों मौतें, आंकड़े डराने वाले
साल 2025 में प्रदेश में टीबी से 4,733 लोगों की मौत दर्ज की गई. वर्तमान में करीब 1.71 लाख एक्टिव टीबी मरीज हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 1.80 लाख के आसपास थी. मरीजों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाए गए, लेकिन इसके बावजूद मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा.
MDR-TB और XDR-TB ने बढ़ाई मुश्किल
MP TB Crisis : प्रदेश में मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट (MDR) टीबी के 2,513 मामले सामने आए हैं, जो इलाज को और जटिल बनाते हैं. इसके अलावा XDR-TB के भी कुछ केस सामने आए हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक दवाइयों को समय पर न लेना इसकी बड़ी वजह है.
भोपाल समेत बड़े शहर सबसे ज्यादा प्रभावित
विशेषज्ञों के अनुसार भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में टीबी का असर ज्यादा देखा जा रहा है. वहीं आदिवासी जिलों में कुपोषण के कारण मृत्यु दर ज्यादा है. मंदसौर और नीमच में मृत्यु दर 6% तक पहुंच गई है, जो राज्य के औसत 2.7% से काफी अधिक है.
आदिवासी इलाकों में ज्यादा खतरा
बैतूल, अलीराजपुर, डिंडोरी और शहडोल जैसे जिलों में भी मृत्यु दर ज्यादा दर्ज की गई है. पोषण की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं.
सरकार का नया 100 दिन का प्लान
राज्य सरकार ने 24 मार्च से 100 दिन का टीबी मुक्त अभियान शुरू करने का फैसला लिया है. इस अभियान के तहत गांव-गांव जाकर स्क्रीनिंग की जाएगी. हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनों का इस्तेमाल कर संभावित मरीजों की पहचान की जाएगी.
सिर्फ टीबी नहीं, पूरी हेल्थ जांच
इस अभियान में एनीमिया, BMI, ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी अन्य स्वास्थ्य जांच भी की जाएगी. हाई रिस्क एरिया चिन्हित कर वहां विशेष फोकस किया जाएगा.
क्या है सबसे बड़ी चुनौती
- मरीजों का समय पर इलाज शुरू करना
- दवाओं को पूरा कोर्स तक लेना
- MDR-TB के मामलों को नियंत्रित करना
- कुपोषण और जागरूकता की कमी दूर करना
टीबी उन्मूलन के लिए 2025 का लक्ष्य सामने है, लेकिन बढ़ते मामले और मौतें इस लक्ष्य को मुश्किल बना रहे हैं.
