MP के वेयर हाउस में खराब हुआ 35 करोड़ का गेहूं? जांच रिपोर्ट के बाद होगा फैसला
मध्य प्रदेश के Raisen जिले से बड़ा मामला सामने आया है, जहां ओबेदुल्लागंज के सरकारी वेयर हाउस में हजारों टन गेहूं खराब होने की बात सामने आई है. करीब 35 करोड़ रुपये कीमत का गेहूं सड़ गया, जबकि इसे बचाने के नाम पर भारी खर्च किया गया. अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट आने के बाद ही फैसला लिया जाएगा.

कीटनाशक के बावजूद नहीं बचा अनाज
वेयर हाउस में करीब 22 हजार टन गेहूं लंबे समय तक रखा गया. इसे सुरक्षित रखने के लिए 30 से ज्यादा बार कीटनाशक छिड़काव किया गया, लेकिन इसके बावजूद गेहूं खराब हो गया. हालत यह है कि अनाज से तेज दुर्गंध आ रही है और यह अब पशुओं के चारे के लायक भी नहीं बचा है.
पहले से खराब था गेहूं?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतना बड़ा स्टॉक सालों तक वेयर हाउस में क्यों रखा गया और समय रहते इसकी निकासी क्यों नहीं की गई. बताया जा रहा है कि यह गेहूं मूल रूप से Sehore जिले के बख्तरा से साल 2022 में यहां शिफ्ट किया गया था. इससे पहले भी इसके खराब होने की आशंका जताई जा चुकी थी.
किसान नेता ने उठाए सवाल
किसान नेता Rahul Gaur ने आरोप लगाया कि गेहूं पहले से खराब था, इसके बावजूद इसे शिफ्ट किया गया. उन्होंने कहा कि 35 करोड़ के गेहूं को बचाने के नाम पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है.
अधिकारियों का क्या कहना है
वेयर हाउस कॉरपोरेशन ओबेदुल्लागंज के प्रबंधक सीएस डूडवे के मुताबिक 2022 में करीब 22,900 मीट्रिक टन गेहूं आया था, जिसमें से कुछ की डिलिवरी हो चुकी है और करीब 12,300 मीट्रिक टन अभी भी बचा हुआ है. उनका कहना है कि गेहूं बख्तरा से ही खराब स्थिति में आया था और इस मामले में शासन स्तर पर कार्रवाई की जाएगी.
जांच के बाद होगा फैसला
वहीं तहसीलदार Nilesh Sarvate ने कहा कि मामला संज्ञान में आ चुका है और जांच शुरू कर दी गई है. कलेक्टर के निर्देश पर गोरगंज तहसील के वेयर हाउसों की जांच की जा रही है. विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी. फिलहाल प्रशासन जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है और उसी के आधार पर तय होगा कि खराब गेहूं को नीलाम किया जाएगा या नष्ट किया जाएगा.
