महिला दिवस पर आशा कार्यकर्ताओं की बैठक. राज्य कर्मचारी दर्जा और सम्मानजनक मानदेय की मांग
उत्तराखंड के नैनीताल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर एक बैठक आयोजित की. यह बैठक आर्य समाज पार्क में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया और अपनी समस्याओं को लेकर चर्चा की.
बैठक के दौरान आशा कार्यकर्ताओं ने सम्मानजनक मानदेय, राज्य कर्मचारी का दर्जा और पेंशन जैसी मांगों को प्रमुखता से उठाया. कार्यकर्ताओं का कहना है कि पिछले करीब 20 वर्षों से उन्हें न तो पर्याप्त मानदेय दिया गया है और न ही राज्य कर्मचारी का दर्जा मिला है.

पेंशन और आर्थिक सुरक्षा की मांग
आशा कार्यकर्ताओं ने 60 वर्ष से अधिक आयु की कार्यकर्ताओं के लिए पेंशन या एकमुश्त आर्थिक सहायता का प्रावधान न होने पर भी चिंता जताई. उनका कहना है कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के बावजूद उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही है.
कार्यकर्ताओं ने इसे अपने साथ हो रहा खुला शोषण बताया और सरकार से जल्द समाधान की मांग की.
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महिला अधिकारों को लेकर भी उठाई आवाज
बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के अधिकार, समानता और सम्मान के लिए संघर्ष को मजबूत करने का अवसर भी है. इस मौके पर महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई.
बैठक में ये कार्यकर्ता रहीं मौजूद
इस बैठक में उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहीं. इनमें चंद्रा सती, प्रभा बिष्ट, नीलम बिष्ट, मनीषा आर्या, हेमा आर्या, हेमा जोशी, सरिता कुरिया, कमला बिष्ट और ममता आर्या शामिल थीं.
